Beautiful Shloka by Anwesha Deb | One of our most active subscribers | Studyment



Studyment श्लोक वाचन कार्यक्रम के अंतर्गत
Anwesha Deb ने एक बहुत ही सुन्दर सा श्लोक अपनी आवाज़ में record करके हमें भेजा है।
Anwesha Coochbehar, West Bengal की रहने वाली हैं और 8th class की student हैं।
Anwesha को पढ़ाई के साथ-साथ painting का भी शौक है।
और इस श्लोक के माध्यम से उन्होंने ये भी स्पष्ट कर दिया कि उनकी singing भी बहुत अच्छी है।
Anwesha Deb हमारे चैनल पर बहुत ही active subscribers में से एक हैं; चैनल पर पोस्ट किए जाने वाले online test में भी वो बढ़ चढ़ कर हिस्सा लेती हैं और सभी प्रश्नों का सही उत्तर भी देती हैं।

💐हम सब की ओर से आपको ढेर सारी शुभकामनाएं।🙂

श्लोक-
येषां न विद्या न तपो न दानं, ज्ञानं न शीलं न गुणो न धर्मः।
ते मर्त्यलोके भुविभारभूता, मनुष्यरूपेण मृगाश्चरन्ति॥

अर्थात्
जिस मनुष्य के पास न विद्या है, न तप है, न दान देने की प्रवृत्ति है, न उत्तम आचरण है, न तो कोई गुण है और न ही धर्म के प्रति आस्था है, वे लोग इस मर्त्य लोक में भार बनकर मनुष्य के रूप में पशु होकर विचरण करते हैं।

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