Admin की कलम से #2 | असतो मा सद्गमय 🙏🏼



नमस्कार,
ये मेरी दूसरी पोस्ट है, जिसके ज़रिए मैं अपने विचार आप सभी के साथ शेयर कर रहा हूं।
जैसा कि मैंने पहले भी बताया था कि आप सभी के ढेर सारे प्यारे प्यारे comments रोज़ हमारे चैनल पर मिलते हैं।
उनमें से कई comments आप के exams से संबंधित होते हैं, जिनमें लिखा होता है - 
"Thanks Sir, tomorrow is my exam."
और जब भी इन comments पर नज़र पड़ती है तो मेरा पूरा प्रयास रहता है कि समय रहते मैं आपको आपके exam के लिए शुभकामनाएं दूं। इसीलिए इनके reply में मैं अक्सर यही लिखता हूं - 
"Best of luck for your exam 👍🏻"

इसे मैं आप सब की उदारता ही कहूंगा कि मेरे उस reply को like करने के साथ साथ लगभग सभी Studymenters ये भी ज़रूर बताते हैं कि उनका exam बहुत अच्छा हुआ। 
कुछ तो ये भी लिखते हैं कि सर, मेरे 40/40 marks आए या मेरे 80/80 marks आए या 78/80.
ये जानकर वास्तव में बहुत अधिक ख़ुशी मिलती है कि हर छोटी बड़ी ख़ुशी को हम सब उसी तरह आपस में शेयर करते हैं जैसे कि परिवार के सदस्य करते हैं।😊
इस प्यार और सम्मान के लिए आप सभी का तहे दिल से शुक्रिया।🙏🏼
यहां एक बात और बताना चाहूंगा। बहुत से Studymenters लिखते हैं कि आप की वजह से हमारे पूरे marks आए; आप ना होते तो हमारा exam कैसा होता!

Dear Studymenters, आपके वो marks आपकी मेहनत के द्वारा आए हैं। Teachers तो केवल मार्गदर्शन करते हैं, सफ़र तो अकेले ही तय करना होता है ना।🙂
जैसे हम घर में दीप जलाते हैं तो हमारा कार्य हुआ दीप जलाना और दीप का कार्य हुआ प्रकाश फैलाना।
आप वही दीप हैं। 
और दीपों की ये माला जब हमारे दिलों, हमारे घरों, हमारे समाज और हमारे देश के साथ साथ जब पूरे विश्व को प्रकाशित करेगी उसी दिन असली दीवाली होगी, उसी दिन वो दीपोत्सव होगा।
उसी दिन संस्कृत की ये सूक्ति भी सार्थक होकर हम सब का जीवन प्रकाशित करेगी -
🙏🏼"असतो मा सद्गमय।
तमसो मा ज्योतिर्गमय।
मृत्योर्मा अमृतं गमय।"🔥

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